लो-कार्ब (Low-Carb) डाएट क्या है? Low-Carb डाएट के फायदे

दोस्तो, low-Carb Diet के बारे में अनेक दशको से लोग चर्चा कर रहे है। मानवी शरीर का वज़न कम करने के लिए, लो-फैट डाएट की तुलना में लो-कार्ब डाएट बहुतल ज्यादा प्रभावशाली है। लो-कार्ब डाएट के कारण अपने आरोग्य से सम्बन्धित ट्राइग्लाइसराइड, एज डी एल कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर इन चीजों में सुधार दिखाई देता है। वैसे देखा जाए तो लो-कार्ब डाएट की कोई व्याख्या नहीं है। इसका संदर्भ सिर्फ लो-कार्ब या फिर कार्ब नियंत्रित करने वाले डाएट से है।

इस डाएट में खानपान कि एक टिपिकल वेस्टर्न डायट पद्धत है, जिसमें अत्यंत कम मात्रा में कार्ब और अधिक मात्रा में प्रोटीन रहता है। इस लो-कार्ब डाएट में मांस, मछली, अंडा, सुकामेवा, सब्जी, फलाहार और उपयुक्त फैट्स इन अन्नपदार्थ पर ध्यान दिया जाता है। इस लो-कार्ब डाएट में कुछ पदार्थ खानपान से टालना अनिवार्य है, जिसमें विविध धान, आलू, मिठा पाणी/कोल्ड्रिंक्स, शुगर की अधिक मात्रा वाले जंक फूड इत्यादी पदार्थो का समावेश है।

salmon fish

केटोजेनिक डाएट (ketogenic diet)

केटोजेनिक डाएट में अत्यंत कम मात्रा में कार्ब होता है और अधिक मात्रा में फैट होता है। केटोजेनिक डाएट का उद्देश्य कार्ब का प्रमाण कम रखना होता है जिसके कारण आपका शरीर केटोसिस नाम के पाचन स्थिति में जाता है। इस स्थिति में आपके शरीर की इन्सुलिन का स्तर तेजी से कम हो जाता है और आपका शरीर Fatty Acids बाहर निकालना शुरू कर देता है।

इसमें से बहुत सारा Fatty Acids लिव्हर की तरफ जाता है और वहां वो किटोंस (Ketones) में परावर्तित होते है। किटोंस (ketones) पानी में घुलने वाले Molecules है। यह Molecules हमारे ब्रेन को ऊर्जा और तकाद देते है। इसलिए आपका ब्रेन, कार्ब्स की ऊर्जा पर चलने की बजाय कीटोंस ( Ketones) पर निर्भर रहता है। अपने ब्रेन को कुछ मात्रा में ग्लूकोज की भी जरूरत होती है, यह ग्लूकोज आपका शरीर ग्लूकोनियोजेनेसिस (gluconeogenesis) इस प्रोसेस से निर्माण करता है।

Keto

इस प्रकार केटोजेनिक डाएट में अधिक मात्रा में Protein और Fat रहनेवाले अन्न पदार्थ का समावेश होता है। अपने शरीर को दिन में ५० ग्राम कार्ब्स की जरूरत होती है, कभी कभी सिर्फ २० से ३० ग्राम कार्ब्स ही लगता है।

Low – Carbs , High Fat ( एल सी – एच एफ)

एलसी – एचएफ में मुख्यतः मांस, अंडी, फैट्स, सब्जी, डेयरी प्रोडक्ट, नट्स और बेरी इन सारे अन्न पदार्थो पर जोर दिया जाता है। इस डायट में कार्ब्स का प्रमाण दिन में २० से १०० ग्राम होना जरूरी होता है।

लो – कार्ब्स Palio Diet

प्यालिओ डायट यह एक जगप्रसिद्ध डायट है। प्यालियोलिथिक मतलब, खेती और औद्योगिक क्रांति होने से पहले वाला जो समय है उस समय के खाने का ग्रहण करना होता है। अगर आप लो कार्ब्स डायट अपना रहे हो तो वह आपके जीवनशैली को, आपके खानपान को और आपके स्वास्थ्य को सुसंगत होना चाहिए। यह डायट अगर किसी एक आदमी के लिए लागू होता है इसका मतलब यह नहीं कि वो आपके लिए भी काम करेगा। जो डायट आप आपके जीवनशैली के अनुसार रख सकते हो वहीं आपका सही डायट है।

इन सब डायट के बारे में अधिक सही जानकारी पाने के लिए आप आपके डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

हमारे अन्य लेख (blog) पढ़े :-

Hair Care Tips | बालों की अच्छी सेहत के लिए यह नैसर्गिक उपाय अवश्य करे !

इस युवती ने अपनी डाइट से शुगर खत्म कर 30 किलो वजन कम किया।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top